वर्षा बहार Class 7 Question Answer
कक्षा 7 हिंदी पाठ 7 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi वर्षा बहार Question Answer
पाठ से
मेरी समझ से
(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (★ ) बनाइए । कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
प्रश्न 1.
इस कविता में वर्षा ऋतु का कौन-सा भाव मुख्य रूप से उभर कर आता है?
- दुख और निराशा
- आनंद और प्रसन्नता
- भय और चिंता
- क्रोध और विरोध
उत्तर:
प्रश्न 2.
“नभ में छटा अनूठी” और “ घनघोर छा रही है ” पंक्तियों का उपयोग वर्षा ऋतु के किस दृश्य को व्यक्त करने के लिए किया गया है?
- बादलों के घिरने का दृश्य
- बिजली के गिरने का दृश्य
- ठंडी हवा के बहने का दृश्य
- आमोद छा जाने का दृश्य
उत्तर:

प्रश्न 3.
कविता में वर्षा को ‘अनोखी बहार’ कहा गया है क्योंकि-
- कवि वर्षा को विशेष ऋतु मानता है।
- वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं।
- वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती है।
- वर्षा एक अद्भुत अनोखी प्राकृतिक घटना है।
उत्तर:
- वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं । (★)
- वर्षा सबके लिए ‘सुख और संतोष लाती है । (★)
- वर्षा एक अद्भुत अनोखी प्राकृतिक घटना है। (★)
प्रश्न 4.
“सारे जगत की शोभा, निर्भर है उसके ऊपर ” इस पंक्ति का क्या अर्थ है ?
- प्रकृति में सभी जीव-जंतु एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
- वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत है।
- बादलों की सुंदरता से ही पृथ्वी की शोभा बढ़ती है।
- हमें वर्षा ऋतु से जगत की भलाई की प्रेरणा लेनी चाहिए।
उत्तर:
- वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत है। (★)
- हमें वर्षा ऋतु से जगत की भलाई की प्रेरणा लेनी चाहिए। (★)
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-
अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के
साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर:
(1) मेरे अनुसार इस कविता में वर्षा ऋतु के आनंद और प्रसन्नता का भाव मुख्य रूप से उभर कर आया है। वर्षा होने पर प्रकृति में चारों ओर प्रसन्नता और आनंद छा जाता है। सभी जीव-जंतु प्रसन्न दिखाई देते हैं।
(2) मेरे अनुसार ‘नभ में छटा अनूठी’ और ‘घनघोर छा रही है’ पंक्तियों का उपयोग वर्षा ऋतु में बादलों के घिरने के दृश्य को व्यक्त करने के लिए किया गया है। जब बादल आकाश में घिर आते हैं तो आकाश में अनोखी घटा छा जाती है और अँधेरा-सा हो जाता है।
(3) मेरे अनुसार इस प्रश्न के तीन विकल्प चुनने का कारण यह है कि कविता में वर्षा को ‘अनोखी बहार’ कहा गया है क्योंकि वर्षा एक अद्भुत अनोखी प्राकृतिक घटना है। यह सबके लिए सुख और संतोष लाती है। वर्षा ऋतु में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं। यह सभी को आनंदित करती है।
(4) मेरे अनुसार इस प्रश्न के दो विकल्प चुनने का कारण यह कि कि ‘सारे जगत की शोभा, निर्भर है उसके ऊपर’ पंक्ति का अर्थ है- धरती की सारी सुंदरता और हरियाली वर्षा पर ही निर्भर करती है। वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन का मुख्यत स्रोत है। यह न केवल प्रकृति को हरा-भरा करती है, बल्कि जीवों को भी नया जीवन देती है। इसलिए हमें वर्षा ऋतु से जगत की भलाई की प्रेरणा लेनी चाहिए।
(विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं ।)
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) “फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते
करते हैं नृत्य वन में, देखो ये मोर सारे।’
उत्तर:
वर्षा ऋतु आने पर पपीहों को गर्मी से राहत मिलती है तथा इधर-उधर उड़कर आनंद मनाने लगते हैं। वनों में सभी मोर आनंदित होकर नाचने लगते हैं अर्थात वर्षा का स्वागत करने लगते हैं।
(ख) “चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर
गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान – मनहर । ”
उत्तर:
वर्षा ऋतु के आने पर हंस पंक्तियों में चलने लगते हैं। हंसों की पंक्तियाँ प्रकृति की सुंदरता और अनुशासन को दर्शाती हैं। यह दृश्य बहुत सुंदर लगता है। किसान खेतों में प्रसन्नता से काम करने लगते हैं और मन को हरने वाले गीत गाने लगते हैं।
(विद्यार्थी पंक्तियों के अर्थ अपने समूह में साझा करें।)

मिलकर करें मिलान
• कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे स्तंभ-1 में दी गई हैं, उनके भावार्थ स्तंभ -2 में दिए गए हैं। स्तंभ- 1 की पंक्तियों का स्तंभ -2 की उपयुक्त पंक्तियों से मिलान कीजिए-
उत्तर:
1. – 2
2. – 6
3. – 1
4. – 3
5. – 5
6. – 4
सोच-विचार के लिए
कविता को एक बार पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) कविता में कौन-कौन गीत गा रहे हैं और क्यों?
उत्तर:
कविता में मालिनें, मेंढक और किसान गीत गा रहे हैं। मालिनें इसलिए गीत गा रही हैं क्योंकि वर्षा ऋतु आने से बागों में हरियाली छा गई है और ठंडी हवा बह रही है, जिससे उनका मन प्रसन्न हो गया है। मेंढक इसलिए गीत गा रहे हैं क्योंकि वर्षा ऋतु उनका प्रिय समय होता है, इसलिए वे अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं। किसान इसलिए गीत गा रहे हैं क्योंकि वर्षा ऋतु में किसान के खेतों को पानी मिलता है, जिससे फसलें अच्छी होती हैं। अतः वे आनंदित होकर गीत गा रहे हैं।
(ख) “बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं” “तालों में जीव जलचर, अति हैं प्रसन्न होते ” दी गई दोनों पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए। इनमें वर्षा के दो अलग-अलग दृश्य दर्शाए गए हैं। इन दोनों में क्या कोई अंतर है? क्या कोई संबंध है? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
दी गई पंक्तियों में वर्षा ऋतु के दो अलग-अलग दृश्यों को दर्शाया गया है जो प्रकृति के दो रूपों को प्रदर्शित करते हैं- – प्रथम आकाश में होने वाली गतिविधि को और दूसरा धरती पर होने वाले उसके प्रभाव को । प्रथम पंक्ति में वर्षा ऋतु के आने की चेतावनी और ऊर्जा (बिजली और बादल) की चर्चा है तो दूसरी पंक्ति में वर्षा के आने के बाद की प्रसन्नता और ज़ीवन के उल्लास (जलचर की खुशी) को दिखाया गया है। दोनों दृश्यों में स्पष्ट संबंध हैं। पहला दृश्य कारण है और दूसरा उसका प्रभाव। एक ओर बादल गरज रहे हैं तो दूसरी ओर जीवन मुसकरा रहा है।

(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
कविता में मुख्य रूप से यह बात कही गई है कि वर्षा ऋतु केवल प्रकृति के सौंदर्य को ही नहीं बढ़ाती है, बल्कि जीवन में नयापन और खुशहाली भी लाती है। वर्षा के आने से प्रकृति में ताज़गी, एवं नयापन ही नहीं आता है बल्कि यह सभी जीवों के जीवन में नई ऊर्जा और प्रसन्नता का संचार भी करती है।
(विद्यार्थी अपने विचार साझा करें। )
(घ) “खिलता गुलाब कैसा, सौरभ उड़ा रहा है” इस पंक्ति को पढ़कर एक खिलते हुए गुलाब का सुंदर चित्र मस्तिष्क में बन जाता है। इस पंक्ति का उद्देश्य केवल गुलाब की सुंदरता को बताना है या इसका कोई अन्य अर्थ भी हो सकता है?
उत्तर:
‘खिलता गुलाब कैसा, सौरभ उड़ा रहा है’ यह पंक्ति केवल गुलाब की सुंदरता और उसकी खुशबू को व्यक्त करने के लिए नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के नवीनीकरण, जीवन की ताज़गी और प्रेम व सौंदर्य के प्रतीक के रूप में भी महत्वपूर्ण है। यह पंक्ति जीवन में खुशियों, प्रेम और सकारात्मक बदलाव के प्रतीक के रूप में भी समझी जा सकती है।
(ङ) कविता में से उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए जिनमें सकारात्मक गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जैसे – ‘गीत गाना’, ‘नृत्य करना’ और ‘सुगंध फैलाना’ । इन गतिविधियों के आधार पर बताइए कि इस कविता का शीर्षक ‘वर्षा – बहार’ क्यों रखा गया है ?
उत्तर:
कविता की सकारात्मक गतिविधियों का उल्लेख करने वाली पंक्तियाँ हैं—
- बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब
- करते हैं नृत्यवन में, देखों ये मोर सारे
- खिलता गुलाब कैसा, सौरभ उड़ा रहा है
कविता की ये सकारात्मक गतिविधियाँ हमें यह बताती हैं कि वर्षा बहार न केवल प्रकृति को सुंदर बनाती है बल्कि यह जीवन में खुशी, ऊर्जा और ताज़गी का अहसास भी कराती है।
कविता का शीर्षक ‘वर्षा – बहार’ इसलिए रखा गया है क्योंकि यह वर्षा के मौसम में आई खुशहाली और आनंद को प्रतिबिंबित करता है जो प्राकृतिक सौंदर्य और जीवों की प्रसन्नता का प्रतीक है।
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
(क) “सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर ” कविता में कहा गया है कि वर्षा पर सारे संसार की शोभा निर्भर है। वर्षा के अभाव में मानव जीवन और पशु-पक्षियों पर क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर:
‘सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर’ पंक्ति में कहा गया है कि वर्षा पर सारे संसार की शोभा निर्भर है। यह पंक्ति वर्षा के महत्व को दर्शाती है। वर्षा के अभाव में मानव जीवन और पशु-पक्षियों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ सकता है। वर्षा नहीं होगी तो मनुष्य को जल, कृषि और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, पशु-पक्षियों और वनस्पतियों का जीवन भी दूभर हो जाएगा वर्षा के बिना जीवन की कल्पना ही कठिन है। अतः वर्षा होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
(विद्यार्थी अपनी कल्पना के आधार पर उत्तर लिखें ।)

(ख) “बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं ” – बिजली चमकना और बादल का गरजना प्राकृतिक घटनाएँ हैं । इन घटनाओं का लोगों के जीवन पर क्या-क्या प्रभाव हो सकता है ?
(संकेत – आप सकारात्मक और नकारात्मक यानी अच्छे और बुरे, दोनों प्रकार के प्रभावों के बारे में सोच सकते हैं।)
उत्तर:
बिजली का चमकना और बादल का गरजना प्राकृतिक घटनाएँ हैं इसके कारण मानव जीवन और प्राकृतिक संतुलन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रकार के प्रभाव पड़ सकते हैं। जब ये घटनाएँ वर्षा ऋतु का संकेत देती हैं तो ये प्राकृतिक जीवन के लिए जीवनदायिनी होती हैं। दूसरी ओर ये घटनाएँ भय, चिंता और प्राकृतिक आपदाओं का कारण भी बन सकती हैं।
सकारात्मक दृष्टिकोण से ये घटनाएँ प्राकृतिक ताज़गी और वृद्धि का संकेत है जबकि नकारात्मक दृष्टिकोण से ये आपत्ति और संकट का कारण बन सकती हैं।
(विद्यार्थी अपने अनुमान और कल्पना के आधार पर उत्तर लिखें।)
(ग) “करते हैं नृत्य वन में, देखो ये मोर सारे ” इस पंक्ति को ध्यान में रखते हुए वर्षा आने पर पक्षियों और जीवों की खुशी का वर्णन कीजिए। वे अपनी प्रसन्नता कैसे व्यक्त करते होंगे?
उत्तर:
‘करते हैं नृत्य वन में, देखो ये मोर सारे’ यह पंक्ति कविता में प्राकृतिक जीवन और प्रसन्नता को दर्शाती है जो वर्षा के आने पर उत्पन्न होती है। वर्षा आने पर मोर, पपीहा जैसे पक्षी खुश होकर नृत्य करते हैं तथा गाते हैं। मोर विशेष रूप से वर्षा के मौसम में अपने पंख फैलाकर नृत्य करने के लिए प्रसिद्ध हैं।
पपीहा, बुलबुल और अन्य छोटे पक्षी अपनी खुशी को अपनी मीठी आवाज़ों से व्यक्त करते हैं। मेंढक वर्षा की बूँदें गिरने पर सुरीले गीत गाने लगते हैं। हंस पानी में पंक्ति बनाकर चलते हुए बहुत सुंदर लगते हैं। वे वर्षा आने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हैं। इस प्रकार सभी पक्षियों और जीवों की खुशी को नृत्य, गीत उनके उत्साह और उमंग के रूप में व्यक्त किया गया है।
(विद्यार्थी अपनी कल्पना और अनुमान के आधार पर उत्तर लिखें।)
आपकी रचनाएँ
(क) कविता में वर्णन है कि मोर नृत्य कर रहे हैं और मेंढक सुगीत गा रहे हैं। इस दृश्य को अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।
उत्तर:
वर्षा के आने पर मोर अत्यंत प्रसन्न हो कर नृत्य करने लगते हैं। अपने पंखों की फैलाकर तथा गरदन को ऊपर-नीचे करके अपनी खुशी व्यक्त करते हुए नृत्य करते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे वर्षा का स्वागत कर रहा हों। दूसरी ओर मेंढक सुंदर गीत गाने लगते हैं। मेंढक टर्र-टर्र की ध्वनि निकालते हुए गीत गाते से प्रतीक होते हैं, जो पूरे वातावरण में गूँजता है ।
(विद्यार्थी स्वयं अपनी कल्पना के आधार पर उत्तर लिखें ।)
(ख) वर्षा से जुड़ी किसी प्राचीन कथा या लोककथा को इस कविता से जोड़कर एक कहानी तैयार कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं इस कविता से जोड़कर एक कहानी लिखने का प्रयास करें।
(ग) इस कविता से प्रेरणा लेकर एक चित्र बनाइए। उसमें आपने क्या-क्या बनाया है और क्यों?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं कविता से प्रेरणा लेकर एक चित्र बनाएँ तथा उसमें क्या-क्या बनाया और क्यों बनाया, उसका कारण भी बताएँ।
शब्द से जुड़े शब्द
• अपने समूह में चर्चा करके ‘वर्षा’ से जुड़े शब्द नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में लिखिए-
उत्तर:
(विद्यार्थी समूह में चर्चा कर अन्य शब्द भी लिख सकते हैं।
कविता की रचना
“वर्षा – बहार सब के, मन को लुभा रही है”
इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। ‘वर्षा’ एक ऋतु का नाम है। ‘बहार’ ‘वसंत’ का दूसरा नाम है। यहाँ ‘वर्षा’ और ‘बहार’ को एक साथ दिया गया है जिससे वर्षा ऋतु की सुंदरता को स्पष्ट किया जा सके।
इस कविता में ऐसी ही अन्य विशेषताएँ छिपी हैं, जैसे- कविता की कुछ पंक्तियाँ सरल वाक्य के रूप में ही हैं तो कुछ में वाक्य संरचना सरल नहीं है।
• अपने समूह के साथ मिलकर इस कविता की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए । अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए ।
उत्तर:
‘वर्षा-बहार’ कविता की अन्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
- इस कविता में वर्षा के मौसम की सुंदरता और वर्षा के सकारात्मक प्रभावों का चित्रण किया गया है।
- कविता में जीवों, पक्षियों और पौधों की खुशी व उल्लास का वर्णन किया गया है।
- प्राकृतिक सौंदर्य; जैसे- बूँदों का गिरना, बादलों की गड़गड़ाहट और जंगल की ताज़गी का वर्णन किया गया है।
- प्रकृति और मानव के बीच गहरे संबंध को व्यक्त किया गया है।
- नृत्य और संगीत को प्रतीकात्मक रूप में अभिव्यक्त किया गया है।
- कविता यह सिखाती है कि बदलाव का स्वागत खुशी, उल्लास और उत्सव के रूप में करना चाहिए।

कविता का सौंदर्य

(क) नीचे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए । जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं उन पर घेरा बनाइए ।
………. बहार सब के मन को लुभा रही है (बारिश, बरसात, बरखा, वृष्टि)
………. में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है (आकाश, गगन, अंबर, व्योम)
बिजली चमक रही है, …….. गरज रहे हैं (मेघ, जलधर, घन, जलद)
……… बरस रहा है, झरने भी ये बहे हैं (जल, नीर, सलिल, तोय)
उत्तर:
(विद्यार्थी स्वयं अपनू समूह में चर्चा करके बताएँगे।)
(ख) अपने समूह में विमर्श करके पता लगाइए कि कौन-से शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहे हैं और क्यों?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं अपने समूह में चर्चा करके बताएँगे।
विशेषण
“बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब”
इस पंक्ति में ‘सुंदर’ शब्द ‘गीत’ की विशेषता बता रहा है अर्थात यह ‘विशेषण’ है। ‘गीत’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है, अर्था यह ‘विशेष्य’ शब्द है।
(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए-
उत्तर:
| पंक्ति | विशेषण | विशेष्य |
| 1. नभ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है | अनूठी | छटा |
| 2. चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर | सुंदर | कतार |
| 3. मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर सुगीत प्यारे | प्यारे | सुगीत |
| 4. चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सब | ਕਂਛੀ सब | हवा डालियाँ |
(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए-
- वर्षा ………….. …………..
- पानी ………….. …………..
- बादल ………….. …………..
- डालियाँ ………….. …………..
- गुलाब ………….. …………..
उत्तर:
- मूसलाधार, हल्की
- स्वच्छ, शीतल
- काले, घने
- मज़बूत, हरी
- सुगंधित, लाल
ऋतु और शब्द
“फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते’
‘ताप’ शब्द ग्रीष्म ऋतु से जुड़ा शब्द है। भारत में मुख्य रूप से छह ऋतुएँ क्रम से आती-जाती हैं। लोग इन ऋतुओं में कुछ विशेष शब्दों का उपयोग करते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़कर कौन- सी ऋतु का स्मरण होता है? इन शब्दों को तालिका में उपयुक्त स्थान पर लिखिए-
उत्तर:
पाठ से आगे
आपकी बात
(क) वर्षा के समय आपके क्षेत्र में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं?
उत्तर:
वर्षा के समय हमारे क्षेत्र में निम्नलिखित परिवर्तन आते हैं-
- वर्षा के कारण गरमी का असर कम हो जाता है और मौसम में ठंडक आ जाती है।
- पेड़-पौधे हरे-भरे और ताज़े हो जाते हैं।
- नदियों, झीलों, तालाबों आदि जल स्रोतों में पानी का स्तर बढ़ जाता है।
- कीड़े-मकोड़े और मच्छर अधिक सक्रिय हो जाते हैं।
(विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर स्वयं उत्तर लिखें।)
(ख) बारिश के चलते स्कूल आने-जाने के समय के अनुभव बताइए। किसी रोचक घटना को भी साझा कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं के अनुभव साझा करते हुए एक रोचक घटना बताएँ।

(ग) वर्षा ऋतु में आपको क्या-क्या करना अच्छा अगता है और क्या-क्या नहीं कर पाते हैं?
उत्तर:
वर्षा ऋतु में हमें निम्नलिखित क्रियाकलाप करना अच्छा लगता है-
- चाय और गरमागरम पकौड़े खाना ।
- बारिश में नहाना ।
- कागज़ की नाव बनाकर पानी में बहाना ।
- संगीत सुनना।
- परिवार के साथ समय बिताना।
वर्षा ऋतु में हम बाहर घूमने नहीं जा पाते, बाहर खेल नहीं पाते, कपड़े नहीं सूखा पाते, मनोरंजन नहीं कर पाते।
(विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार उत्तर लिखें।)
(घ) बारिश के मौसम में आपके आस-पड़ोस के पशु-पक्षी अपनी सुरक्षा कैसे करते हैं? उन्हें कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?
उत्तर:
बारिश के मौसम में हमारे आस-पड़ोस के पशु-पक्षी अपनी सुरक्षा आश्रय ढूँढ़कर, भोजन की तलाश करके और अपनी शारीरिक गतिविधियों को अनुकूलित करके करते हैं। बारिश के मौसम में उनका व्यवहार और उनकी जीवन शैली थोड़ी बदल जाती है।
बारिश के मौसम में पशु-पक्षियों को कई समस्याएँ आती हैं; जैसे—कीचड़ और जलभराव में आने-जाने की समस्या, भोजन ढूँढ़ने की समस्या, तेज़ आँधी, तूफ़ान व बिजली की गर्जन से डर, अपने बच्चों की सुरक्षा का डर, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ आदि ।
(विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर लिखें।)
(ङ) अपने समूह के साथ मिलकर वर्षा ऋतु पर आधारित एक कविता की रचना कीजिए। उसमें अपने घर और आस-पड़ोस से जुड़ी हुई बातें सम्मिलित कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं अपने मित्रों के साथ मिलकर वर्षा ऋतु पर आधारित एक कविता तैयार करें।
साक्षात्कार
“गाते हैं गीत कैसे लेते किसान मनहर ।”
मान लीजिए कि आप अपने विद्यालय की पत्रिका के पत्रकार हैं। आप एक किसान का साक्षात्कार कर रहे हैं जो वर्षा के आने पर अपने खेतों में गीत गा रहा है।
(क) अपने समूह के साथ मिलकर उस किसान के साक्षात्कार के लिए कुछ प्रश्न लिखिए।
(संकेत – आपका क्या नाम है? आप क्या काम करते हैं? आप काम करते समय गीत क्यों गाते हैं? आदि)
उत्तर:
किसान के साक्षात्कार के लिए कुछ प्रश्न इस प्रकार हैं- पत्रकार : नमस्कार ! आपका क्या नाम है ?
किसान : जी नमस्कार, मेरा नाम गिरधारी लाल है। पत्रकार : आप क्या काम करते हैं?
किसान : जी, मैं एक किसान हूँ और खेती-बाड़ी का काम करता हूँ।
पत्रकार : आप खेत में कितने समय काम करते हैं?
किसान : मैं सुबह-शाम चार-पाँच घंटे खेत में काम करता हूँ और बाकी समय खेत की रखवाली और रख-रखाव का ध्यान रखता हूँ।
पत्रकार : आप काम करते समय गीत क्यों गाते हैं?
किसान : बारिश की ऋतु में जब खेतों में हरियाली छा जाती है तो मन खुशी से झूम उठता है। मेरी मेहनत रंग लाने वाली होती है। इस समय स्वयं पर नियंत्रण नहीं कर पाता हूँ और खुशी के कारण गीत गाने लगता हूँ ।
पत्रकार : बारिश के मौसम में गीत गाने से क्या होता है?
किसान : जब बारिश के मौसम में खेतों में गीत गाता हूँ तो मुझे मानसिक शांति मिलती है।
पत्रकार : बहुत अच्छा ! गीतों का क्या कोई खास संदेश होता है ?
किसान : जी, मैं अपने गीतों के माध्यम से मुख्य रूप से प्रकृति का आभार व्यक्त करता हूँ।
पत्रकार : आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, आपके विचार हमें बहुत अच्छे लगे। हम आपकी अच्छी फसल और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।
किसान : धन्यवाद! आप भी खुशहाल और सुखी रहें।
(ख) अपने समूह के साथ मिलकर इस साक्षात्कार को अभिनय द्वारा प्रस्तुत कीजिए। आपके समूह का कोई सदस्य किसान की भूमिका निभा सकता है। अन्य सदस्य पत्रकारों की भूमिका निभा सकते हैं।
उत्तर:
विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ मिलकर इस साक्षात्कार को अभिनय द्वारा स्वयं प्रस्तुत करें।
वर्षा के दृश्य
(क) वर्षा के उन दृश्यों की सूची बनाइए जिनका उल्लेख इस कविता में नहीं किया गया है। जैसे आकाश में इंद्रधनुष ।
उत्तर:
वर्षा के वे दृश्य जिनका उल्लेख कविता में नहीं किया गया है, वे हैं- आकाश में इंद्रधनुष का दिखाई देना, बादलों का रंग बदलना; जैसे- काले-काले धुँधले, सफ़ेद आदि; नदी, तालाब, खेत आदि का पानी से भर जाना।
(ख) वर्षा के समय आकाश में बिजली पहले दिखाई देती है या बिजली कड़कने की ध्वनि पहले सुनाई देती है या दोनों साथ-साथ दिखाई – सुनाई देती है? क्यों? पता कीजिए।
उत्तर:
वर्षा के समय आकाश में पहले बिजली दिखाई देती है, फिर उसके कड़कने की ध्वनि सुनाई देती है। दोनों एक साथ पैदा होते हैं। लेकिन हमें अलग-अलग समय पर दिखाई-सुनाई देती है। इसका कारण यह है कि बिजली की चमक प्रकाश है जो लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से चलती हैं। यह गति इतनी तेज़ होती है कि वह हमारी आँखों तक लगभग तुरंत पहुँच जाती है।
बिजली की गड़गड़ाहट ध्वनि होती है, जिसकी गति लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होती है। यह प्रकाश की तुलना में बहुत धीमी है। इसलिए हमें बिजली पहले दिखाई देती है और कुछ सेकंड बाद उसकी आवाज़ सुनाई देती है।
(ग) आपने वर्षा से पहले और वर्षा के बाद किसी पेड़ या पौधे को ध्यान से अवश्य देखा होगा। आपको कौन-कौन से अंतर दिखाई दिए ?
उत्तर:
वर्षा के पहले और वर्षा के बाद पेड़ या पौधे की स्थिति में अंतर-
| वर्षा के पहले पेड़ या पौधे की स्थिति | वर्षा के बाद पेड़ या पौधे की स्थिति |
| 1. पत्तों पर धूल और गंदगी जमा होती है, जिससे वे थोड़े मटमैले दिखते हैं। | 1. वर्षा के पानी से पत्ते धुल जाते हैं और चमकने लगते हैं। जिससे पौधे ताज़ा और हरे दिखाई देते हैं। |
| 2. कुछ पत्ते पीले या मुरझाए हुए होते हैं। | 2. पौधे के सभी पत्ते हरे और नए जैसे दिखाई देते हैं। |
| 3. पानी और नमी की कमी के कारण पौधे धीमी गति से बढ़ते हैं। | 3. पानी मिलने से पौधे की वृद्धि तेज़ हो जाती है। उस पर नए पत्ते और कोपलें दिखाई देने लगते हैं । |
| 4. उसकी मिट्टी फटी हुई या रूखी-सूखी लगती है। | 4. वर्षा के बाद मिट्टी में नमी आ जाती है जो पौधों को पोषण देती है। |
(विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर लिखें । )
(घ) “चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर”
कविता में हंसों के कतार में अर्थात पंक्तिबद्ध रूप से चलने का वर्णन किया गया है। आपने किन-किन को और कब-कब पंक्तिबद्ध चलते हुए देखा है ? (संकेत- चींटी, गाड़ियाँ, बच्चे आदि)
उत्तर:
हमने चींटियों, बच्चों, गाड़ियों और सैनिकों को पंक्तिबद्ध चलते हुए देखा है।
चींटियाँ – जब चींटियाँ अपना खाना ले जा रही होती हैं या अपने बिल से निकलती हैं, तब वे एक पंक्ति में बिना टकराए एक-दूसरे के पीछे चलती हैं। इसमें सामूहिकता, मेहनत और सहयोग की भावना दिखाई देती है।
बच्चे- ये प्रार्थना सभा या कक्षा में जाते-आते समय या छुट्टी के समय पंक्तिबद्ध चलते हैं। ये दो-दो की कतार में अनुशासित ढंग से चलते हैं। यह अनुशासन और एकरूपता सिखाने का तरीका है।
गाड़ियाँ – सड़क पर, रैलियों में, परेड में गाड़ियाँ एक के पीछे एक चलती हैं। ये अनुशासन व सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना सिखाती हैं।
सैनिक – परेड के समय या गश्त लगाने के दौरान सैनिक पंक्तिबद्ध चलते हैं। ये अनुशासन के साथ कदम मिलाकर चलते हैं। इसे देखकर गर्व और प्रेरणा का अनुभव होता है।
(विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर उत्तर लिखें।)
वर्षा में ध्वनियाँ
(क) कविता में वर्षा के अनेक दृश्य दिए गए हैं। इन दृश्यों में कौन-कौन सी ध्वनियाँ सुनाई दे रही होंगी? अपनी कल्पना से उन ध्वनियों को कक्षा में सुनाइए ।
उत्तर:
कविता में वर्षा के दृश्यों में सुनाई देने वाली ध्वनियाँ निम्नलिखित हैं-
- बारिश की बूँदों की टप टप या झमाझम की आवाज़ – टप… टप… टप… झम… झम… झम…
- तेज़ हवा के झोंकों की आवाज़ – स्वर्ररर… श्श्श्श…
- पक्षियों की चहचहाहट या कोयल की कूक – चूं… चूँ… चूँ…. कुहू… कुहू…
- मेंढकों की टर्र-टर्र टर्र… टर… टर…
- बिजली की चमक और बादल की गड़गड़ाहट – गड़ड़ड़ड़… कड़क !
(विद्यार्थी अपनी कल्पना से इन ध्वनियों को कक्षा में सुनाएँ।)
(ख) “मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर सुगीत प्यारे”
कविता में मेंढकों की टर्र-टर्र को भी प्यारा गीत कहा गया है। आपके विचार से बेसुरी ध्वनियाँ भी कब-कब अच्छी लगने लगती हैं?
उत्तर:
हमारे विचार से कभी-कभी बेसुरी ध्वनियाँ भी अच्छी लगने लगती हैं; जैसे- बच्चों की बात या गाना। बच्चे जब गाते हैं तो वे सुर में नहीं गाते तब भी उनका गाना प्यारा लगता है। बुर्जुगों की टूटी-फूटी लोरी में सुर न भी हो लेकिन उनमें मिठास, अपनापन और स्नेह होता है। किसी अपने की आवाज़ मन को सुकून देने वाली होती है, वह जब कुछ गुनगुनाता है तो बहुत अच्छा लगता है।

सृजन
‘बागों में खूब सुख से, आमोद छा रहा है”
‘आमोद’ या ‘मोद’ दोनों शब्दों का अर्थ होता है, आनंद, हर्ष, खुशी, प्रसन्नता | कविता में वर्षा ऋतु में ‘आमोद’ के दृश्यों का वर्णन किया गया है। कविता के इन दृश्यों को हम नीचे दिए गए उदाहरण की तरह अनुच्छेद में भी लिख सकते हैं-
‘हवा की ठंडक थी, बारिश की रिमझिम बूँदें गिर रही थीं, मोर नृत्य कर रहे थे और मेंढक खुश होकर गाना गा रहे थे। ये सभी मिलकर वर्षा ऋतु को एक उत्सव जैसा बना रहे थे। बागों में गुलाब की खुशबू और आम के पेड़ों पर नए फल देखकर पक्षी और लोग, सभी प्रसन्न हो गए थे। किसान अपने खेतों में काम करते हुए इस प्राकृतिक आनंद के भागीदार बन रहे थे।”
• अब नीचे दिए गए ‘आमोद’ से जुड़े विभिन्न दृश्यों का एक-एक अनुच्छेद में वर्णन कीजिए-
उत्तर:
बारिश के बाद उपवन में सैर
बारिश के बाद उपवन में सैर करना अत्यंत सुखद अनुभव होता है। बारिश के बाद उपवन सुंदर दिखाई देता है क्योंकि पेड़-पौधों के पत्तों पर बारिश की बूँदें मोतियों की तरह चमकती हुई दिखाई देती हैं। मिट्टी से उठने वाली सोंधी सोंधी खुशबू मन की आनंदित कर देती है । चारों ओर हरियाली दिखाई देती है। पेड़ों और फूलों की रंगत लौट आती है। पक्षी पेड़ों पर बैठकर चहचहाने लगते हैं। हवा शीतल और ताज़ा लगती है। ऐसे शांत और सुंदर वातावरण में मन भी प्रसन्न हो जाता है। बारिश के बाद उपवन में सैर करना केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है बल्कि यह प्रकृति से एक संवाद है, जिसमें मन को ताजगी और आत्मा को सुकून मिलता है।
(विद्यार्थी अन्य विषयों पर स्वयं अपने अनुभव के आधार पर अनुच्छेद लिखें।)
वर्षा से जुड़े गीत
‘बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब”
‘गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहरा।”
• हमारे देश में वर्षा के आने पर अनेक गीत और लोकगीत गाए जाते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर वर्षा से जुड़े गीत व लोकगीत ढूँढ़िए और लिखिए। इस कार्य के लिए आप अपने परिजनों, शिक्षकों, इंटरनेट और पुस्तकालय की भी सहायता ले सकते हैं।
• सभी समूहों द्वारा एकत्रित गीतों को संकलित करके वर्षा – गीतों की एक पुस्तिका भी तैयार कीजिए ।
उत्तर:
• विद्यार्थी अपने समूह के साथ मिलकर अपने परिजनों, शिक्षकों, इंटरनेट तथा पुस्तकालय आदि की सहायता से वर्षा से जुड़े गीत व लोकगीत ढूँढ़कर लिखें।
• विद्यार्थी सभी समूहों द्वारा एकत्रित गीतों को संकलित करके वर्षा-गीतो की एक पुस्तिका भी तैयार करें।
आज की पहेली
आपने वर्षा से जुड़ी एक कविता पढ़ी है। अब भारत की विभिन्न ऋतुओं से जुड़ी कुछ पहेलियाँ पढ़िए और इन्हें बूझिए
उत्तर:
• ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, हेमंत ऋतु, बसंत ऋतु, शिशिर ऋतु, पतझर ऋतु ।
झरोखे से
• आपने जो कविता इस पाठ में पढ़ी है, उसे लिखा है मुकुटधर पांडेय ने । आइए, अब पढ़ते हैं इन्हीं की लिखी एक अन्य कविता ‘ग्रीष्म’ का अंश-
ग्रीष्म
बीते दिवस बसंत के, लगा ज्येष्ठ का मास
विश्व व्यथित करने लगा, रवि किरणों का त्रास,
अवनी आतप से लगी, जलने सब ही हाल
जीव, जंतु चर-अचर सब, हुए अमिल बेहाल
रवि मयूख के ताप से, झुलस गए बन बाग
सूखे सरिता सर तथा नाले, कूप तड़ाग
लगी आग पुर ग्राम में, चिंता बढ़ी अपार
नर-नारी व्याकुल बसे, भय सदैव उर धार
उत्तर:
विद्यार्थी मुकुटधर पांडेय द्वारा रचित ‘ग्रीष्म’ कविता को स्वयं पढ़ेंगे।
साझी समझ
• अब इस कविता पर अपने साथियों के साथ विचार- विमर्श कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं अपने साथियों के साथ ‘ग्रीष्म’ कविता पर विचार-विमर्श करेंगे।
खोजबीन के लिए
वर्षा ऋतु
https://www.youtube.com/watch?v=T6VAVOcUbYU
आँधी पानी
https://www.youtube.com/watch?v=v6D-QBeN2u8
वसंत
https://www.youtube.com/watch?v=_P5z-V81Yc0
ऋतुएँ
https://www.youtube.com/watch?v=iYVXaE2HHa8
(विद्यार्थी स्वयं दिए गए लिंक पर जाकर वर्षा ऋतु, आँधी पानी, वसंत तथा ऋतुओं के बारे में पढ़कर जानकारी प्राप्त करेंगे ।)
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 7 पापा खो गए (Old Syllabus)
नाटक से
प्रश्न 1.
नाटक में आपको सबसे बुद्धिमान पात्र कौन लगा और क्यों?
उत्तर
नाटक में सबसे बुद्धिमान पात्र हमें कौआ लगा क्योंकि वह उड़-उड़कर सभी घटनाओं की जानकारी रखता है। अच्छे-बुरे लोगों की उसे पहचान है। उसी की सूझ-बूझ के कारण असामाजिक तत्त्वों यानी दुष्ट व्यक्ति के हाथों में जाने से बच्ची बच जाती है।
प्रश्न 2.
पेड़ और खंभे की दोस्ती कैसे हुई ?
उत्तर-
शुरुआत में पेड़ का जन्म समुद्र के किनारे हुआ था और वह वही अकेला बड़ा होता रहा। कुछ दिनों बाद वहाँ खंभा लगाया गया तो पेड ने उससे मित्रता करने की कोशिश की। लेकिन खंभा अकड़ में पेड़ से नहीं बोलता था। एक दिन जब खंभा पेड़ के ऊपर ही आ गिर पड़ा था। पेड़ ने उसे अपने ऊपर झेल लिया। इस कोशिश में पेड़ को खुद चोट आया और वह घाव बन गया। पेड़ ने खंभे को नीचे गिरने से बचा लिया। उसी दिन से दोनों में दोस्ती हो गई।
प्रश्न 3.
लैटरबक्स को सभी लाल ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे?
उत्तर-
लैटरबक्स का रंग पूरे का पूरा लाल रंग से रंगा हुआ था, इसलिए सब उसे लाल ताऊ कहकर पुकारते थे।
प्रश्न 4.
लाल ताऊ किस प्रकार बाकी पात्रों से भिन्न है?
उत्तर-
लाल ताऊ अन्य पात्रों से भिन्न है क्योंकि वह एक ऐसा पात्र है जो पढ़ा लिखा है। वह अपने आप में मस्त रहता था। अकेले रहने पर भजन गुनगुनाते रहना उसकी आदत थी। इस तरह वह अन्य पात्रों से भिन्न था। निर्जीव होते हुए भी समाज की चिंताएँ उसे सताती थीं।
प्रश्न 5.
नाटक में बच्ची को बचानेवाले पात्रों में केवल एक सजीव पात्र है। उसकी कौन-कौन-सी बातें आपको मजेदार लगी? लिखिए।
उत्तर-
नाटक में एकमात्र सजीव पात्र ‘कौआ’ है। वह काफ़ी होशियार है। उसने लड़की को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उसे सामयिक घटनाओं का पूरा ज्ञान है और समाज के अच्छे-बुरे लोगों की भी पहचान है। दुष्ट आदमी से बच्ची को बचाने के लिए वही सबसे पहले भूत-भूत चिल्लाता है। उसी की योजनानुसार बालिका को उठानेवाला दुष्ट व्यक्ति भूत के डर से बालिका को छोड़कर भाग जाता है और उसी के परामर्श से बच्ची को सकुशल घर पहुँचाने के लिए पुलिस के आने का इंतजार करते हैं। जब यह सोचा जाता है कि अगर पुलिस नहीं आई तो क्या होगा? तो कौआ ही लैटरबक्स को बड़े-बड़े अक्षरों में ‘पापा खो गए’ लिखने व सबको यह कहने कि किसी को इस बच्ची के पापा मिले तो यहाँ आने की सलाह देता है। अतः बच्ची को बचाने के प्रयास में कौआ मुझे मजेदार लगा।
प्रश्न 6.
क्या वजह थी कि सभी पात्र मिलकर भी लड़की को उसके घर नहीं पहुँचा पा रहे थे?
उत्तर
लड़की बहुत छोटी व अबोध थी। उसे अपने माता-पिता का नाम व घर का पता तक मालूम नहीं था इसीलिए सभी पात्र मिलकर भी उस लड़की को यथाशीघ्र उसके घर नहीं पहुँचा पा रहे थे।
नाटक से आगे
प्रश्न 1.
अपने-अपने घर का पता लिखिए तथा चित्र बनाकर वहाँ पहुँचने का रास्ता भी बताइए।
उत्तर
विद्यार्थियों के स्वयं करने हेतु। (नोट-जब आप अपने घर का रास्ता बताने का चित्र बनाएँ तो दो-तीन विशेष स्थानों का परिचय दें। जैसे-कोई मंदिर, चौराहा व धर्मशाला आदि।)
प्रश्न 2.
मराठी से अनूदित इस नाटक का शीर्षक ‘पापा खो गए’ क्यों रखा गया होगा? अगर आपके मन में कोई दूसरा शीर्षक हो तो सुझाइए और साथ में कारण भी बताइए।
उत्तर-
इस एकांकी को शीर्षक ‘पापा खो गए’ इसलिए रखा गया, क्योंकि लड़की को अपने पिता का नाम व घर का पता मालूम नहीं था। इस अनोखे शीर्षक के द्वारा ही लोग और पुलिस आकर्षित होकर उस लड़की को घर पहुँचाने की कोशिश करेंगे। इसका अन्य शीर्षक ‘लापता बच्ची’ रखा जा सकता है, क्योंकि एकांकी में पापा नहीं, बच्ची ही खोई थी और उसे अपने घर का पता तक मालूम नहीं था।
प्रश्न 3.
क्या आप बच्ची के पापा को खोजने का नाटक से अलग कोई और तरीका बता सकते हैं?
उत्तर-
बच्ची के पापा को खोजने का दो तरीका हो सकता था-पहला तरकीब, समाचार पत्रों में, पोस्टरों में या दूरदर्शन पर उसका चित्र दिखाकर लोगों का ध्यान आकर्षित करके उसके पापा को खोजा जा सकता है।
दूसरा तरकीब लड़की को पुलिस थाने ले जाकर उसकी रिपोर्ट लिखवा देनी चाहिए। पुलिस अपने तरीकों से उसके पापा को खोज निकालेगी।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
अनुमान लगाइए कि जिस समय बच्ची को चोर ने उठाया होगा वह किस स्थिति में होगी? क्या वह पार्क/ मैदान में खेल रही होगी या घर से रूठकर भाग गई होगी या कोई अन्य कारण होगा?
उत्तर-
पाठ के अनुसार जिस समय बच्ची को चोर ने उठाया था तब वह सो रही थी।
प्रश्न 2.
नाटक में दिखाई गई घटना को ध्यान में रखते हुए यह भी बताइए कि अपनी सुरक्षा के लिए आजकल बच्चे क्या या कर सकते हैं? संकेत के रूप में नीचे कुछ उपाय सुझाए जा रहे हैं। आप इससे अलग कुछ और उपाय लिखिए।
- समूह में चलना
- एकजुट होकर बच्चा उठाने वालों या ऐसी घटनाओं का विरोध करना
- अनजान व्यक्तियों से सावधानीपूर्वक मिलना।
उत्तर-
अन्य उपाय
- पने घर का पता एवं माता-पिता का नाम एवं फ़ोन नं० अपने डायरी में लिखकर साथ रखना चाहिए। अकेले सुनसान या अपरिचित जगह पर नहीं जाना चाहिए।
- अपने आस-पास आने-जाने वाले लोगों पर निगाह रखना एवं हमेशा तैयार रहना।
- किसी भी गतिविधि पर थोड़ा भी शक होने पर शोर मचाना और माता-पिता या पास के किसी बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी देना।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
आपने देखा होगा कि नाटक के बीच-बीच में कुछ निर्देश दिए गए हैं। ऐसे निर्देशों से नाटक के दृश्य स्पष्ट होते हैं, जिन्हें नाटक खेलते हुए मंच पर दिखाया जाता है, जैसे सड़क/रात का समय, दूर कहीं कुत्तों की भौंकने की आवाज़। यदि आपको रात का दृश्य मंच पर दिखाना हो तो क्या, क्या करेंगे, सोचकर लिखिए।
उत्तर-
अंधकार फैलाना यानी हलकी नीली रोशनी करना, आकाश में तारों और चाँद का चमकना। झिंगुरों की आवाज और रह रहकर कुत्ते के भौंकने की आवाज़ भी उत्पन्न की जा सकती है।
प्रश्न 2.
पाठ को पढ़ते हुए आपका ध्यान कई तरह के विराम-चिह्नों की ओर गया होगा। नीचे दिए गए अंश से विराम चिह्नों को हटा दिया गया है? ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उपयुक्त चिह्न लगाइए।
मुझ पर भी एक रात आसमान से गड़गड़ाती बिजली आकर पड़ी थी अरे बाप रे वो बिजली थी या आफत याद आते ही अब भी दिल धक धक करने लगता है और बिजली जहाँ गिरी थी वहाँ खड्डा कितना गहरा पड़ गया था खंभे महाराज अब जब कभी बारिश होती है और तो मुझे उस रात की याद हो आती है अंग थर-थर काँपने लगते हैं।
उत्तर-
मुझ पर भी एक रात आसमान में गड़गड़ाती बिजली आकर पड़ी थी। अरे बाप रे! वो बिजली थी या आफ़त। याद आते ही अब भी दिल धक-धक करने लगता है और बिजली जहाँ गिरी थी, वहाँ खड्डा कितना गहरा पड़ गया था खंभे महाराज। अब जब कभी बारिश होती है तो मुझे उस रात की याद हो आती है, अंग थर-थर काँपने लगते हैं।
प्रश्न 3.
आसपास की निर्जीव चीज़ों को ध्यान में रखकर कुछ संवाद लिखिए, जैसे
- चॉक का ब्लैक बोर्ड से संवाद
- कलम का कॉपी से संवाद
- खिड़की का दरवाज़े से संवाद
उत्तर-
चॉक का ब्लैक बोर्ड से संवाद-
चॉक-आह ! यह जीवन भी कोई जीवन है।
ब्लैक बोर्ड-क्या हुआ चॉक भाई ।
चॉक-मुझे तो तुम पर घिसना अच्छा लगता है क्योंकि जब-जब मुझे शिक्षक घिसने के लिए उठाता है मुझे लगता है कि मैं उनका हथियार हूँ। कई बौद्धिक शब्दों का निर्माण मुझ पर होता है।
ब्लैक बोर्ड-अरे मेरा पेट, दूसरी तरह का होता है। उसमें चमक नहीं होती। हम दोनों के बिना ही शिक्षक का काम नहीं चल सकता।
कलम का कॉपी से संवाद-
कलम-कॉपी! क्या मेरा तुम पर घिसे जाना तुम्हें अच्छा लगता है।
कॉपी-बहन! जब तुम्हारे द्वारा छात्रों या अन्य लोग मुझ पर सुंदर-सुंदर शब्द लिखते हैं तो मैं काफ़ी खुश होती हूँ।
कलम-सच ! बहुत अच्छी बात है।
कॉपी-लेकिन अगर किसी का अक्षर खराब होता है या स्याही मुझ पर फैलाता तो मुझे बुरा लगता है।
कलम-मैं ऐसा बिलकुल नहीं चाहती लेकिन कई बार मुझे सावधानी से चलाया नहीं जाता तो ऐसा होता है।
कॉपी-मुझे तो तुम पर गर्व है क्योंकि तुम्हारे बिना मेरा होना ही अधूरा है। तुम्हारे बिना मेरी कोई उपयोगिता नहीं है। मैं तुम्हारा आभारी हूँ।
कलम-ऐसा मत बोलो, तुम्हारे बिना मेरी भी कोई उपयोगिता नहीं है।
खिड़की और दरवाजे में संवाद-
खिड़की-वाह! क्या बात है दरवाज़े भाई ? आजकल बड़ी शोर मचा रहे हो।
दरवाज़ा-क्या कहूँ बहन, खुलते बंद होते मेरे तो कब्ज़े हिल गए हैं। दर्द से चीख निकल जाती है।
खिड़की-कल तक तो आप ठीक थे।
दरवाज़ा-बहन क्या कहूँ, यह सब नटखट बच्चे की करतूत है। इतनी जोर से धक्का मुझे मारा कि मैं सर से पाँव तक हिल गया और बड़े जोर की चोट आई।
खिड़की-बच्चा है भाई! क्या करोगे?
दरवाज़ा-अरे, मेरा क्या दर्द कम होगा और किसे परवाह है मेरे दर्द की ?
खिड़की- भैया, तुम तो लगता है ज्यादा ही बुरा मान गए।
दरवाज़ा-बुरा मानने की बात ही है।
खिडकी-हिम्मत रखो। सब ठीक हो जाएगा।
प्रश्न 4.
उपर्युक्त में से दस-पंद्रह संवादों को चुनें, उनके साथ दृश्यों की कल्पना करें और एक छोटा सा नाटक लिखने का प्रयास करें। इस काम में अपने शिक्षक से सहयोग लें।
उत्तर
विद्यार्थियों के स्वयं करने योग्य।
अन्य पाठेतर हल प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
(क) इस पाठ और लेखक का नाम इनमें से कौन-सा है?
(i) दादी माँ-शिवप्रसाद सिंह
(ii) हिमालय की बेटियाँ-नागार्जुन
(iii) मिठाईवाला-भगवती वाजपेयी
(i) पापा खो गए-विजय तेंदुलकर
(ख) खंभा, पेड़, लैटरबक्स सभी एक साथ कहाँ खड़े थे?
(i) विद्यालय के समीप
(ii) जंगल के पास
(iii) समुद्र के किनारे
(iv) झील के किनारे
(ग) इस पाठ में किस समय यह घटनाएँ हो रही हैं?
(i) प्रात:काल
(ii) सायंकाल
(iii) रात्रि में
(iv) दोपहर में
(घ) पत्र को कौन पढ़ रहा है?
(i) पेड़
(ii) कौआ
(iii) लैटरबक्स
(iv) खंभा
(ङ) खंभे के स्वभाव के बारे में पेड़ क्या सोचता था?
(i) वह बहुत दुष्ट है।
(ii) वह बहुत सभ्य है
(iii) वह मिलनसार है।
(iv) वह अभिमानी है।
(च) आसमान में गड़गड़ाती बिजली किस पर आ गिरी थी?
(i) खंभे पर
(ii) पेड़ पर
(iii) लैटरबक्स पर
(iv) पोस्टर पर
(छ) “आदमी’ लड़की को छोड़कर कहाँ चला गया?
(i) खाना खाने
(ii) घूमने चला गया
(iii) बच्चे को उठाने
(iv) सोने के लिए
(ज) “फ़ीस के पैसे क्या फोकट में आते हैं?’-को भाव क्या है?
(i) फ़ीस मुफ्त में आती है।
(ii) पढ़ाई मुफ्त में होनी चाहिए।
(ii) फ़ीस के पैसे बड़ी मुश्किल से आते हैं।
(iv) फ़ीस अवश्य जमा करना चाहिए।
उत्तर-
(क) (iv)
(ख) (iii)
(ग) (iii)
(घ) (iii)
(ङ) (ii)
(च) (ii)
(छ) (i)
(ज) (iii)
लघुत्तरीय प्रश्न
(क) खंभा को बरसात की रात क्यों पसंद नहीं है?
उत्तर-
खंभा को बरसात की रात में भींगते हुए, आँधी एवं तेज़ हवा में बल्ब को पकड़कर एक टाँग पर खड़े रहना पड़ता था, उसे काफ़ी परेशानी होती इसलिए उसे बरसात की रात पसंद नहीं थी।
(ख) पेड़ अपने जन्म के बारे में क्या कहता है?
उत्तर-
पेड़ अपने जन्म के बारे में कहता है कि इस स्थान पर सबसे पहले उसका जन्म हुआ है।
(ग) पेड़ ने खंभे को कैसे बचाया?
उत्तर-
जब खंभा तेज़ आँधी-पानी के तुफ़ान में गिरने लगता है तो पेड़ उसे सहारा देकर अपने ऊपर उसके भार को ले लेता है। ऐसा करने में वह जख्मी भी हो जाता है।
(घ) लड़की के दिमाग में कौन-कौन से प्रश्न उठते हैं?
उत्तर-
लड़की के दिमाग में प्रश्न उठते हैं कि मैं कहाँ हूँ? मेरा घर कहाँ है? मेरे पापा कहाँ हैं? मम्मी कहाँ हैं?
(ङ) किस घटना को याद कर पेड़ थर-थर काँपने लगता है?
उत्तर-
जब बरसात की रात में पेड़ के ऊपर आसमान से बिजली आ गिरी थी। उस घटना को याद कर पेड़ थर-थर काँपने लगता
लघु उत्तरीय प्रश्न
(क) एकांकी में पेड़ ने अपने बारे में क्या विचार प्रस्तुत किए हैं?
उत्तर-
एकांकी में पेड़ ने अपने बारे में कहा है कि मेरा जन्म इसी जगह हुआ। यहाँ ऊँचे-ऊँचे घर न थे, वह सिनेमा का पोस्टर व उसमें नाचने वाली भी नहीं थी, सिर्फ हमारे सामने समुद्र था। मुझे उस वक्त अकेलापन महसूस होता था।
(ख) कौआ समाज में होने वाली घटनाओं की जानकारी कैसे रखता था?
उत्तर-
कौआ सारा दिन उड़-उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर इसलिए जाता था कि उसे समाज में होने वाली सारी घटनाओं की जानकारी प्राप्त थी जबकि इसके विपरीत पेड़, खंभा, व लैटरबक्स एक ही जगह पर खड़े रहते थे।
(ग) लैटरबक्स बाकी पात्रों से कैसे भिन्न है?
उत्तर-
लैटरबास अन्य पात्रों से इस मायने में अलग है-क्योंकि वह पढ़ा-लिखा है। वह पत्र पढ़ना जानता है, दोहे गुनगुनाता है। और बातचीत भी करता है।
(घ) बैठने पर खंभे की क्या प्रतिक्रिया होती है?
उत्तर-
बैठने पर खंभा काफ़ी आनंदित महसूस करता है क्योंकि पहली बार उसे जीवन में बैठने का मौका मिला था। वह कहता है कि बैठकर उसे अच्छा लग रहा है। जब वह खड़ा रहता है तो वह बैठने के लिए लालायित होता है, सपने में बैठना भी उसे बहुत अच्छा लगता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(क) लड़की को उसके घर पहुँचाने के लिए क्या उपाय सोची गई?
उत्तर-
लड़की को उसके घर सुरक्षित पहुँचाने का कौए ने यह तरकीब बताया कि-वह पेड़ से कहता है कि सुबह होने तक आप उस पर अपनी छाया किए रहें। ताकि वह देर तक सोती रहे। खंभे महाराज आप जरा टेढ़े होकर खड़े रहें। उसके टेढे होने से पुलिस को लगेगा कि एक्सीडेंट हो गया। पुलिस आएगी, बच्ची को देखेगी और फिर बच्ची को उसके घर तक पहुँचाएगी। कौए का उपाय सुनकर खंभा कहता है कि यदि पुलिस न आई तो, उस पर कौआ काँव-काँव कर अपने द्वारा लोगों का ध्यान आकर्षित करेगा। फिर लैटरबक्स को भी संदेह होता है तो कौआ उनसे कहता है कि आप पढ़े-लिखे हैं। अब आप ही हमारी मदद करेंगे। वह उनसे सिनेमा के पोस्टर पर यह सूचना लिखवाता है ‘पापा खो गए।’ प्रातः होने पर योजना पर कार्य आरंभ कर देते हैं।
मूल्यपरक प्रश्न
(क) क्या आपने कभी किसी की मदद की है? यदि हाँ तो कब किस रूप में?
उत्तर-
हाँ, मैंने एक अनाथ बच्चे की मदद की है। उसके पालन-पोषण में मदद की है। गरीबी के कारण वह विद्यालय नहीं जा सकता था। मैंने उसकी मदद करने का ठान लिया। उसे एक विद्यालय में दाखिला दिलवाया तथा पुस्तकें, कॉपी तथा कलम उपलब्ध करवाया। आज वह लड़का काफ़ी खुश है और अच्छी तरह पढ़ाई कर रहा है।
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