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NCERT Class 7 Hindi Chapter 1 – माँ, कह एक कहानी Question Answer | Malhar New Syllabus

 

माँ, कह एक कहानी Class 7 Question Answer

कक्षा 7 हिंदी पाठ 1 प्रश्न उत्तर – Class 7 Hindi माँ, कह एक कहानी Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन – सा है ? उनके सामने तारा (★ ) बनाइए । कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

प्रश्न 1.
माँ अपने बेटे को करुणा और न्याय की कहानी क्यों सुनाती है ?

  • राजाओं की कहानियों से उसका मनोरंजन करने के लिए।
  • उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए।
  • उसे परिवार की विरासत और पूर्वजों के बारे में बताने के लिए।
  • उसे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए।

उत्तर:

  • उसमें सही और गलत की समझ विकसित करने के लिए।

Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 15

प्रश्न 2.
कविता में घायल पक्षी की कहानी का उपयोग किस लिए किया गया है?

  • निर्दोष पक्षी के प्रति आखेटक की क्रूरता दिखाने के लिए।
  • पिता की वीरता और साहस पर ध्यान दिलाने के लिए।
  • करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।
  • मित्रता और निष्ठा के महत्व को उजागर करने के लिए।

उत्तर:

  • करुणा और हिंसा के बीच के संघर्ष को दिखाने के लिए।

NCERT Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer Solutions माँ, कह एक कहानी

प्रश्न 3.
कविता के अंत तक पहुँचते-पहुँचते बच्चे को क्या समझ में आने लगता है?

  • न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए।
  • निर्णय लेते समय सदैव निडर रहना चाहिए।
  • आखेटकों का सदैव विरोध करना चाहिए।
  • जानवरों की हर स्थिति में रक्षा करनी चाहिए ।

उत्तर:

  • न्याय सदैव करुणा के साथ होना चाहिए ।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग- अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर:

  1. कोई भी निर्णय लेते समय यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि क्या सही है क्या गलत। मारने वाले से बचाने वाला सदैव श्रेष्ठ होता है यह समझ विकसित होनी आवश्यक है, इसलिए यह उत्तर चुना।
  2. सही होते हुए भी स्वयं को सिद्ध करने के लिए कितने तर्क, वितर्क और संघर्षों का सामना करना पड़ता है यह देखते हुए भी सत्य, दया और करुणा का साथ न छोड़ना और निडर होकर न्याय के पक्ष में डटे रहने के निर्णय के कारण यह उत्तर चुना ।
  3. जब क्रूरता और दया में से एक को चुनना हो तो स्वाभाविक है कि न्याय दया के पक्ष में जाए।
    (विद्यार्थी अपने मित्रों के साथ चर्चा करके बताएँगे कि उनके द्वारा विकल्प चुनने के क्या कारण हैं ।)

Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 11

मिलकर करें मिलान

• इस पाठ में आपने माँ और पुत्र के बीच की बातचीत को एक कविता के रूप में पढ़ा है। इस कविता में माँ अपने पुत्र को उसके पिता की एक कहानी सुना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि ये माँ, पुत्र और पिता कौन हैं ? अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और उन्हें पहचानकर सुमेलित कीजिए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की
Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 1
उत्तर:
1. – 3
2. – 1
3. – 2

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क) “कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!”
उत्तर:
यदि कोई किसी निरपराधी जीव / व्यक्ति को आहत करे, मारे, चोट पहुँचाए तो दूसरों का यह दायित्व है वे उसे बचाएँ । उसकी रक्षा करें। न्याय भी दया का दान देगा और भक्षक के ऊपर रक्षक को ही श्रेष्ठ समझेगा ।

(ख) “हुआ विवाद सदय – निर्दय में,
उभय आग्रही थे स्वविषय में,
गई बात तब न्यायालय में,
सुनी सभी ने जानी।’
उत्तर:
घायल पक्षी पर अधिकार लेने के लिए दयालु सिद्धार्थ और निर्दयी आखेटक के मध्य खूब बहस हुई, तर्क-वितर्क हुए। आखेटक और सिद्धार्थ दोनों अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे और फिर बात न्यायालय तक जा पहुँची। वहाँ से सभी लोगों को पता चली और चारों ओर चर्चा का विषय बनी।

NCERT Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer Solutions माँ, कह एक कहानी

सोच-विचार के लिए

कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-

(क) आपके विचार से इस कविता में कौन-सी पंक्ति सबसे महत्वपूर्ण है? आप उसे ही सबसे महत्वपूर्ण क्यों मानते हैं?
उत्तर:
“कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!”
संपूर्ण कविता का सार इसी पंक्ति में निहित है। ये पंक्तियाँ दया, प्रेम, न्याय की भावना को व्यक्त करती हैं। यहाँ किसने मारा, किसका अधिकार है, ये सभी प्रश्न गौण हैं। निरपराधी की रक्षा करने, उसे जीवन देने का भाव महत्वपूर्ण है।

(ख) आखेटक और बच्चे के पिता के बीच तर्क-वितर्क क्यों हुआ था?
उत्तर:
आखेटक द्वारा पक्षी का शिकार किया जाता है। वह पक्षी घायल होकर उपवन में प्रातः भ्रमण को निकले बच्चे के पिता के पास गिरता है। समीप गिरे हुए पक्षी को लहूलुहान देख बच्चे के पिता उसे उठाकर अपनी गोद में रख लेते हैं। वे उसे बचाना चाहते हैं, उसके जीवन की रक्षा करना चाहते हैं किंतु आखेटक का कहना है कि उसने उस पक्षी का शिकार किया इसलिए उसे वह पक्षी सौंप दिया जाए। बच्चे के पिता इसके लिए तैयार नहीं होते, इस कारण दोनों के बीच तर्क-वितर्क हुआ।

(ग) माँ ने पुत्र से ‘राहुल, तू निर्णय कर इसका’ क्यों कहा?
उत्तर:
माँ अपने पुत्र के विवेक, बुद्धि और संस्कारों की परीक्षा लेना चाहती थीं इसलिए ऐसा कहा ।

(घ) यदि कहानी में आप उपवन में होते तो घायल हंस की सहायता के लिए क्या करते? आपके अनुसार न्याय कैसे किया जा सकता था ?
उत्तर:
यदि मैं उपवन में होता / होती तो मैं उसे तुरंत पशु चिकित्सालय ले जाता / जाती और उसे बचाने का हर संभव प्रयास करता/करती, किसी भी कीमत पर आखेटक को नहीं देता/देती।

(ङ) कविता में माँ और बेटे के बीच बातचीत से उनके बारे में क्या-क्या पता चलता है?
उत्तर:
यशोधरा एक आदर्श माँ हैं जो अपने बच्चे को दयालु संस्कारवान और न्यायप्रिय बनाना चाहती हैं। उसमें दया, धर्म, प्रेम के बीज बोकर, उसके पिता के गुणों को विकसित करना चाहती हैं। इसलिए वे उसे प्रेरक कहानी सुनाती हैं। राहुल योग्य सुपुत्र है। वह माँ की शिक्षा को पूरे विवेक और कौशल के साथ सीखता है।
(संकेत – कविता पढ़कर आपके मन में माँ-बेटे के बारे में जो चित्र बनता है, जो भाव आते हैं या जो बातें पता चलती हैं, उन्हें भी लिख सकते हैं।)

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-

(क) माँ ने अपने बेटे को कहानी सुनाते समय अंत में कहानी को स्वयं पूरा नहीं किया, बल्कि उसी से निर्णय करने के लिए कहा। यदि आप किसी को यह कहानी सुना रहे होते तो कहानी को आगे कैसे बढ़ाते ?
उत्तर:
विद्यार्थी अपनी समझ से चर्चा करेंगे, जैसे- न्याय आखेटक के पक्ष में हुआ, वह पक्षी ले गया अथवा न्याय पिता के पक्ष में हुआ। उनकी सेवा से पक्षी स्वस्थ होकर बगीचे में ही रहने लगा आदि ।

(ख) मान लीजिए कि कहानी में हंस और तीर चलाने वाले के बीच बातचीत हो रही है। कल्पना से बताइए कि जब उसने हंस को तीर से घायल किया तो उसमें और हंस में क्या-क्या बातचीत हुई होगी? उन्होंने एक-दूसरे को क्या-क्या तर्क दिए होंगे ?
उत्तर:
आखेटक ने कहा होगा – अहा ! क्या निशाना था मेरा! प्यारे हंस, अब मैं तुम्हें अपने घर ले जाऊँगा । तुम्हारा मांस अत्यंत स्वादिष्ट होगा। हंस ने कहा होगा – हे आखेटक ! मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था? मैं तो यहाँ अपने परिवार के साथ प्रातः बेला का आनंद लेने आया था। मुझे इस हालत में देखकर वे कितने दुखी होंगे, क्या इसका अंदाज़ा है तुमको ? आखेटक ने रौब दिखाते हुए कहा होगा – बेकार की बातें मत करो। शिकार करना मेरा काम है। अपने निशाने पर मुझे गर्व है। मैं तो नित्य ही लक्ष्य साधकर अनेक पक्षियों का शिकार करता हूँ।

(ग) मान लीजिए कि माँ ने जो कहानी सुनाई है, आप भी उसके एक पात्र हैं। आप कौन-सा पात्र बनना चाहेंगे? और क्यों?

  • तीर चलाने वाला
  • पक्षी
  • पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति
  • न्यायाधीश
  • कोई अन्य पात्र जो आप कहानी में जोड़ना चाहें

उत्तर:
मैं घायल पक्षी को बचाने वाला व्यक्ति बनना चाहूँगा / चाहूँगी क्योंकि मेरी दृष्टि में यही श्रेष्ठ कार्य है। मनुष्य को जीवों पर दया करनी चाहिए। सभी धर्म हमें यही सिखाते हैं।
(विद्यार्थी अपनी समझ से उत्तर देंगे ।)

संवाद

• इस कविता में एक माँ और उसके पुत्र का संवाद दिया गया है लेकिन कौन-सा कथन किसने कहा है, यह नहीं बताया गया है। आप कविता में दिए गए संवादों को पहचानिए कि कौन-सा कथन किसने कहा है और उसे दिए गए उचित स्थान पर लिखिए । उदाहरण के लिए, माँ और पुत्र का एक-एक कथन दिया गया है।

Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 12
Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 2
उत्तर:

पुत्र द्वारा कहे गए कथनमाँ द्वारा कहे गए कथन
1. “ माँ, कह एक कहानी । “1. “बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी ?”
2. “कहती है मुझसे यह चेटी, तू मेरी नानी की बेटी! कह माँ, कह, लेटी ही लेटी. राजा था या रानी ? राजा था या रानी ? माँ, कह एक कहानी।2. तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।”
3. “जहाँ सुरभि मनमानी ? हाँ, माँ, यही कहानी । “3. वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी। “
4. “लहराता था पानी ? हाँ, हाँ, यही कहानी ।”4. “ गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी ! “
5. “हुई पक्ष की हानी ? करुणा- भरी कहानी!”5. “चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया । इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्धि का मानी ।
6. “लक्ष्य-सिद्धि का मानी ? कोमल-कठिन कहानी।”6. “ माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी । तब उसने, जो था खगभक्षी- हठ करने की ठानी।’
7. “हठ करने की ठानी? अब बढ़ चली कहानी।”7. ” हुआ विवाद सदय – निर्दय में, उभय आग्रही थे स्वविषय में, गई बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी। “
8. “सुनी सभी ने जानी ? व्यापक हुई कहानी।”8. “राहुल, तू निर्णय कर इसका- न्याय पक्ष लेता है किसका? कह दे निर्भय, जय हो जिसका । सुन लूँ तेरी “बानी।”
9. “माँ, मेरी क्या बानी? मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे, तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?9. “न्याय दया का दानी ? तूने गुनी कहानी।
10. रक्षक पर भक्षक को वारे, न्याय दया का दानी!’

शब्द से जुड़े शब्द

• नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में प्रकृति से जुड़े शब्द कविता में से चुनकर लिखिए-
Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 3
उत्तर:
Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 4

NCERT Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer Solutions माँ, कह एक कहानी

पंक्ति से पंक्ति

• नीचे स्तंभ- 1 और स्तंभ -2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को रेखा खींचकर मिलाइए-

Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 5
उत्तर:
1. – 7
2. – 9
3. – 5
4. – 8
5. – 3
6. – 2
7. – 6
8. – 1
9. – 10
10. – 4

कविता की रचना

“राजा था या रानी?
राजा था या रानी ?
माँ, कह एक कहानी।”

इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। इन पंक्तियों की तरह इस पूरी कविता में अनेक स्थानों पर कुछ पंक्तियाँ दो बार आई हैं। इस कारण कविता में पाठक को माँ-बेटे की बातचीत और अच्छी तरह समझ में आ जाती है। इससे कविता के सौंदर्य में भी वृद्धि हुई है।

आप ध्यान देंगे तो इस कविता में आपको ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी (जैसे— कविता में माँ-बेटे का संवाद दिया गया है जिसे ‘संवादात्मक शैली’ कहते हैं; प्रकृति और कार्यों आदि का वर्णन किया गया है जिसे ‘वर्णनात्मक शैली’ कहा जाता है)।

(क) इस कविता को एक बार पुनः पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस कविता की विशेषताओं की सूची बनाइए । अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी समूह में चर्चा करके सूची बनाएँ, जैसे-

  1. इस कविता में दया, प्रेम और न्याय का भाव समाहित है।
  2. कविता बच्चों में सही और गलत का निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है।
  3. कविता में ‘जीव – प्रेम और जीव- रक्षा’ का संदेश मुखरित है।
  4. अन्याय के विरुद्ध मुखर होकर सामने आने का भाव प्रेरणादायी है।
  5. प्रकृति-प्रेम और प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त कविता की भाषा सरल, सहज और लालित्यपूर्ण है।
  6. माँ और पुत्र के बीच के संवाद पारिवारिक प्रेम, सौहार्द ममत्व और आदर्श प्रेरक प्रसंगों से युक्त हैं।
  7. माँ के द्वारा करुणा, न्याय और निडरता की कहानी सुनाना विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास है।
  8. कहानी कहते हुए अप्रत्यक्ष रूप से बच्चों को संस्कारित करना कविता की विशेषता है।
  9. कहानी के बीच में बच्चे से प्रश्न पूछकर माँ यह जानना चाहती है कि जिस उद्देश्य से वह कहानी सुनाई जा रही है, वह पूर्ण हुआ या नहीं; यह कविता की एक महत्वपूर्ण और आकर्षक विशेषता है।

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ दिखाई देती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।
Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 7
उत्तर:
1. – 3, 4
2. – 3, 4, 6
3. – 6
4. – 1, 5
5. – 6
6. – 5
7. – 3
8. – 2, 4

रूप बदलकर

“सुन, उपवन में बड़े सबेरे,
तात भ्रमण करते थे तेरे, ”

कविता की इन पंक्तियों को निम्न प्रकार से बदलकर लिखा जा सकता है—
“सुनो! आपके पिता एक उपवन में बहुत सवेरे भ्रमण किया करते थे….
• अब आप भी पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए।
उत्तर:
पद – “ चौंक उन्होंने उसे उठाया,
नया जन्म-सा उसने पाया।
अनुच्छेद – उन्होंने चौंककर घायल पक्षी को उठाया।
पक्षी ने मानो नया जन्म – सा पा लिया।

कविता में विराम चिह्न

Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 13

“माँ, कह एक कहानी।”
इस पंक्ति में आपको अनेक विराम चिह्न दिखाई दे रहे हैं, जैसे—

  • अल्प विराम (, )
  • पूर्ण विराम (।)
  • उद्धरण चिह्न (“ ” )

इस कविता में विराम चिह्नों का बहुत अच्छा प्रयोग किया गया है। विराम चिह्न इस कविता में अनेक कार्य कर रहे हैं, जैसे यह बताना कि

  • कविता पाठ करते समय कहाँ थोड़ा रुकना है (,), कहाँ अधिक रुकना है (।)
  • कौन सी पंक्ति किसने कही है? पुत्र ने या माँ ने (“”)
  • कहाँ प्रश्न पूछा गया है (?)
  • कौन-सी बात आश्चर्य से बोली गई है (!)

(क) नीचे कविता का एक अंश बिना विराम चिह्नों के दिया गया है। इसमें उपयुक्त स्थानों पर विराम चिह्न लगाइए-
Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 14
उत्तर:
“राहुल, तू निर्णय कर इसका –
न्याय पक्ष लेता है किसका?
कह दे निर्भय, जय हो जिसका ।
सुन लूँ तेरी बानी।”
“माँ, मेरी क्या बानी ?
मैं सुन रहा कहानी।
कोई निरपराध को मारे,
तो क्यों अन्य उसे न उबारे ?
रक्षक पर भक्षक को वारे,
न्याय दया का दानी!”
“न्याय दया का दानी ?
तूने गुनी कहानी।

NCERT Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer Solutions माँ, कह एक कहानी

(ख) अब विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए कविता को अपने समूह में सुनाइए।
उत्तर:
कक्षा में विद्यार्थी विभिन्न समूह बनाकर, इस कविता में आए सभी विराम चिह्नों को ध्यान में रखकर समूह में अपनी प्रस्तुति देंगे।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) “सुन, उपवन में बड़े सबेरे,
तात भ्रमण करते थे तेरे, ”
आप या आपके परिजन भ्रमण के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं ? और क्यों ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं बताएँ; जैसे- पार्क, मॉल, दादा-दादी के घर, किसी पर्यटन स्थल पर आदि ।

(ख) इस पाठ में एक माँ अपने पुत्र को कहानी सुना रही है। आप किस-किस से कहानी सुनते हैं या थे? आप किसको और कौन- सी कहानी सुनाते हैं?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं बताएँ; जैसे- दादी, भैया, मम्मी, दादी, नानी से कहानी सुनते थे। अपने मित्रों, भाई-बहनों को विज्ञान से जुड़ी या सौर मंडल की कहानी या पौराणिक कहानी।

(ग) माँ ने कहानी सुनाने के बीच में एक प्रश्न पूछ लिया था । क्या कहानी सुनाने के बीच में प्रश्न पूछना सही है? क्यों ?
उत्तर:
मेरे अनुसार कहानी सुनाने के बीच प्रश्न पूछना सही है क्योंकि इससे पता चलता है कि सुनने वाला कहानी ध्यान से सुन और समझ रहा है या नहीं।

(घ) कविता में बालक अपनी माँ से बार-बार ‘वही’ कहानी सुनने की हठ करता है। क्या आपका भी कभी कोई कहानी बार-बार सुनने का मन करता है? अगर हाँ, तो वह कौन – सी कहानी है और क्यों?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं बताएँगे कि कौन-सी कहानी वे बार-बार सुनना चाहते हैं।

निर्णय करें

“राहुल, तू निर्णय कर इसका –

नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं। बताइए कि इन स्थितियों में आप क्या करेंगे?

प्रश्न 1.
खेलते समय आप देखते हैं कि एक मित्र ने भूल से एक नियम तोड़ा है।
उत्तर:
मित्र को उसकी भूल का एहसास कराते हुए नियम की जानकारी देंगे।

प्रश्न 2.
एक सहपाठी को कक्षा में दूसरों द्वारा चिढ़ाया जा रहा है।
उत्तर:
सहपाठी को प्रतिक्रिया न देने को कहेंगे और दूसरों को ऐसा करने से रोकने का पूरा प्रयास करेंगे।

प्रश्न 3.
एक समूह परियोजना के बीच एक सहपाठी अपने भाग का कार्य नहीं कर रहा है।
उत्तर:
उस सहपाठी से कार्य न करने का कारण जानने का प्रयास करेंगे और समस्या का निवारण करने में उसकी सहायता करेंगे जिससे वह अपने भाग / हिस्से का कार्य कर सके।

प्रश्न 4.
आपके दो मित्रों के बीच एक छोटी-सी बात पर तर्क-वितर्क हो रहा है।
उत्तर:
दोनों मित्रों से उस बात को वहीं समाप्त करने का आग्रह करेंगे और दूसरी बातों या कार्यों की ओर ध्यान बँटाने का प्रयास करेंगे।

प्रश्न 5.
एक सहपाठी को कुछ ऐसा करने के लिए अनुचित रूप से दंडित किया जा रहा है जिसे उसने नहीं किया।
उत्तर:
यथासंभव प्रयास करेंगे कि अध्यापक को सच्चाई से अवगत कराकर उसे दंड मिलने से बचाया जा सके।

प्रश्न 6.
एक सहपाठी प्रतियोगिता में हार जाने पर उदास है।
उत्तर:
अपने सहपाठी को पुनः अगली प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रेरित करेंगे और अधिक मेहनत करने का सुझाव देंगे।

प्रश्न 7.
कक्षा में चर्चा के बीच एक सहपाठी संकोच कर रहा है और बोलने का अवसर नहीं पा रहा है।
उत्तर:
उसे मैत्रीपूर्ण अनौपचारिक वातावरण प्रदान करने के साथ ही प्रयास करेंगे कि उसे भी यथासंभव बोलने, भाग लेने का अवसर प्राप्त हो ।

प्रश्न 8.
सहपाठी किसी विषय में संघर्ष कर रहा है और आपसे सहायता माँगता है।
उत्तर:
उसके संघर्ष में सहभागी बनने के साथ ही यथासंभव सहायता करने का प्रयास करेंगे, चाहे वह किसी भी स्तर पर हो ।

सुनी कहानी

• हमारे देश और विश्व में अनेक कहानियाँ लोग एक-दूसरे को सैकड़ों-हजारों सालों से सुनते-सुनाते रहे हैं। इन कहानियों को लोककथाएँ कहते हैं। अपने घर या आस-पास सुनी-सुनाई जाने वाली किसी लोककथा को लिखकर कक्षा में सुनाइए। आपने जिस भाषा में लोककथा सुनी है या जिस भाषा में आप लोककथा लिखना चाहें, लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित लोककथाओं को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी समूह में मिलकर यह कार्य स्वयं करेंगे।

आज की पहेली

• नीचे कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। इनके उत्तर आपको कविता में से मिल जाएँगे। पहेलियाँ बूझिए-

Class 7 Hindi Chapter 1 Question Answer माँ, कह एक कहानी 18
उत्तर:
पहेली – 1 – माँ; पहेली -2 – पक्षी; पहेली – 3 – सुरभि

खोजबीन के लिए

  • माँ, कह एक कहानी
    https://www.youtube.com/watch?v=nQUltEEDx4s&ab_channel=NCERTOFFICIAL
  • हंस किसक
    https://www.youtube.com/watch?v=O6Jnj49jMGc&ab_channel=NCERTOFFICIAL
  • मैथिलीशरण गुप्त द्वारा एक कविता का
    https://www.youtube.com/watch?v=sIWB9ZasRNY&t=126s&ab_channel-PrasarBharatiArchives

(विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ संख्या – 13 पर दिए गए लिंक द्वारा निर्देशित जानकारी स्वयं प्राप्त करें।)

NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 1 हम पंछी उन्मुक्त गगन के (Old Syllabus)

कविता से

प्रश्न 1.
हर तरह की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद क्यों नहीं रहना चाहते ?
उत्तर-
हर प्रकार की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद नहीं रहना चाहते, क्योंकि उन्हें वहाँ उड़ने की आजादी नहीं है। वे तो खुले आसमान में ऊँची उड़ान भरना, नदी-झरनों का बहता जल पीना, कड़वी निबौरियाँ खाना, पेड़ की ऊँची डाली पर झूलना, कूदना, फुदकना अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग ऋतुओं में फलों के दाने चुगना और क्षितिज मिलन करना ही पसंद है। यही कारण है कि हर तरह की सुख-सुविधाओं को पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद नहीं रहना चाहते।

प्रश्न 2.
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?
उत्तर-
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी इन इच्छाओं को पूरा करना चाहते हैं
(क) वे खुले आसमान में उड़ना चाहते हैं।
(ख) वे अपनी गति से उड़ान भरना चाहते हैं।
(ग) नदी-झरनों का बहता जल पीना चाहते हैं।
(घ) नीम के पेड़ की कड़वी निबौरियाँ खाना चाहते हैं।
(ङ) पेड़ की सब ऊँची फुनगी पर झूलना चाहते हैं।
वे आसमान में ऊँची उड़ान भरकर अनार के दानों रूपी तारों को चुगना चाहते हैं। क्षितिज मिलन करना चाहते हैं।

प्रश्न 3.
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता या तनती साँसों की डोरी।
उत्तर
इस पंक्ति में कवि पक्षी के माध्यम से कहना चाहता है कि यदि मैं स्वतंत्र होता तो उस असीम क्षितिज से मेरी होड़ हो जाती। मैं इन छोटे-छोटे पंखों से उड़कर या तो उस क्षितिज से जाकर मिल जाता या फिर मेरा प्राणांत हो जाता।

कविता से आगे

प्रश्न 1.
कई लोग पक्षी पालते हैं
(क) पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।
(ख) क्या आपने या आपकी जानकारी में किसी ने कभी कोई पक्षी पाला है? उसकी देखरेख किस प्रकार की जाती होगी, लिखिए।
उत्तर-
(क) हमारे दृष्टिकोण से पक्षियों को पालना उचित नहीं है, इससे हम उनकी आजादी पर रोक लगा देते हैं। उनकी इच्छाओं, सपनों तथा अरमानों पर पाबंदी लग जाता है। अतः पक्षियों को पालना सही नहीं है। उन्हें प्रकृति में स्वच्छंद विचरण करने देना चाहिए। उन्हें वहीं प्रसन्नता मिलती है।
(ख) हमारे एक पड़ोसी ने तोता पाला था। उस पड़ोसी ने उसे मेले से खरीदकर लाया था। उसके परिवार के सभी सदस्य मन से उसकी देखरेख किया करते थे। प्रतिदिन उसके पिंजरे की सफ़ाई किया करते थे। एक कटोरी में पानी पीने के लिए तथा खाने के लिए चना दिया जाता था। इसके अलावे तोते को मौसमी फल तथा मिर्च भी खाने को दिया जाता था। मेरा पडोसी घंटों उस तोते से बातें किया करता था और उसे लेकर उसे घुमाने पार्क में जाया करता था। तोते ने घर के सभी सदस्यों के नाम रट लिए थे, लेकिन तोता खाना भारी मन से खाता था। जब मैं पड़ोसी के घर पिंजरे के पास जाता था तो वह हमारी ओर आशा भरी दृष्टि से देखता था।

प्रश्न 2.
पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आज़ादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्तियों में अपने विचार लिखिए।
उत्तर
पक्षियों को पिंजरे में बंद करके उनकी आजादी का हनन होता ही है क्योंकि उनकी प्रकृति है ‘उड़ना। पिंजरे में बंद करके हम उन्हें पराधीन बना लेते हैं। जिससे उनकी आज़ादी तो समाप्त हो ही जाती है साथ ही पर्यावरण भी प्रभावित होता है क्योंकि पर्यावरण को संतुलित करने में भी पक्षियों का सहयोग रहता है। पक्षी आहार श्रृंखला को नियमित करते हैं। जैसे-घास को टिड्डा खाता है, टिड्डे को पक्षी खाते हैं और यदि पक्षी न हों तो टिड्डों की संख्या अत्यधिक हो जाएगी जो फसलों को नष्ट कर देंगे। यदि टिड्डे न हों तो घास इतनी बढ़ जाएगी कि मनुष्य परेशान हो जाएगा।

अनुमान और कल्पना

प्रश्न 1.
क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।
उत्तर
यह कहना गलत नहीं कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं क्योंकि शहरों में औद्योगीकरण के कारण विषैली गैसें और प्रदूषित जल पक्षियों के लिए हानिकारक होता है। दूसरी ओर अधिक-से-अधिक भवन निर्माण के कारण वनों व हरियाली वाले इलाकों को काटकर बड़े-बड़े भवन बना दिए जाते हैं, जिससे पक्षियों का आश्रय स्थल समाप्त हो जाता है। साथ ही वृक्षों से प्राप्त खाद्य पदार्थ, फल-फूल आदि उन्हें नहीं मिल पाते। ऐसा होने पर उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

पक्षियों से रहित वातावरण में आहार श्रृंखला प्रभावित हो जाएगी। पर्यावरण संतुलित नहीं रहेगा। इसके लिए हमें अधिक-से-अधिक वृक्ष लगाने चाहिए व बाग-बगीचों का निर्माण करना चाहिए। फैक्टरियों को भी शहरों से दूर लगाकर धुएँ व प्रदूषित जल हेतु उचित प्रबंध करने चाहिए। (नोट-इन्हीं विचारों के आधार में वाद-विवाद कीजिए)।

प्रश्न 2.
यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।
उत्तर-
यदि हमारे घर में किसी पक्षी ने अपना घोंसला बनाया हो और किसी कारणवश हमें घर बदलना पड़ रहा हो, तो हम प्रयास करेंगे कि जब तक घोंसलों में रखे अंडों से बच्चे न निकल जाएँ और पक्षी उन्हें उड़ना न सिखा ले तब तब घोसलों को न छेड़ा जाए। यदि फिर भी घर छोड़ना अनिवार्य हुआ तो उस घर में जाने वाले नए परिवार से मिलकर यह अनुरोध करेंगे कि वे घोसलों को यथावत रहने दें और न छेड़े तथा उनका ध्यान रखें।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण-सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से हूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
(क) कनक-तिलियाँ,
(ख) कटुक-निबौरी,
(ग) तारक-अनार

प्रश्न 2.
‘भूखे-प्यासे’ में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से ‘और’ का संकेत मिलता है, जैसे-भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।
इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
उत्तर-
दाल-रोटी – दाल और रोटी
अन्न-जल – अन्न और जल
सुबह-शाम – सुबह और शाम
पाप-पुण्य – पाप और पुण्य
राम-लक्ष्मण – राम और लक्ष्मण
सुख-दुख – सुख और दुख
तन-मन – तन और मन
दिन-रात – दिन और रात
दूध-दही – दूध और दही
कच्चा-पक्का – कच्चा और पक्का

अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
(क) ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ पाठ के रचयिता हैं
(i) भवानी प्रसाद मिश्र
(ii) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
(iii) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
(iv) महादेवी वर्मा

(ख) पक्षी कहाँ का जल पीना पसंद करते हैं?
(i) नल का जल
(ii) वर्षा का जल
(iii) नदी-झरनों का जल
(iv) पिंजरे में रखी कटोरी का जल

(ग) बंधन किसका है?
(i) स्वर्ण का
(ii) श्रृंखला का
(iii) स्वर्ण श्रृंखला का
(iv) मनुष्य का

(घ) लंबी उड़ान में क्या-क्या संभावनाएँ हो सकती थीं?
(i) क्षितिज की सीमा मिल जाती
(ii) साँसों की डोरी तन जाती
(iii) ये दोनों बातें हो सकती थीं
(iv) कुछ नहीं होता

(ङ) पक्षी क्यों व्यथित हैं?
(i) क्योंकि वे बंधन में हैं।
(ii) क्योंकि वे आसमान की ऊँचाइयाँ छूने में असमर्थ हैं।
(iii) क्योंकि वे अनार के दानों रूपी तारों को चुगने में असमर्थ हैं।
(iv) उपर्युक्त सभी

उत्तर-
(क) (iii)
(ख) (iii)
(ग) (iii)
(घ) (iii)
(ङ) (iv)

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

(क) इस कविता तथा कवि का नाम लिखिए।
उत्तर-
कविता का नाम- ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के
कवि का नाम- शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

(ख) पक्षी कैसा जीवन जीना चाहते हैं?
उत्तर-
पक्षी एक स्वतंत्र जीवन जीना चाहते हैं।

(ग) पक्षी ऊँची उड़ान के लिए क्या-क्या बलिदान देते हैं?
उत्तर-
पक्षी ऊँची उड़ान के लिए अपना घोंसला, डाली का सहारा आदि सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं। उनका मानना है। कि ईश्वर ने उन्हें सुंदर पंख दिए हैं इसलिए उनकी उड़ान में कोई बाधक न बनें।

(घ) अपनी किन इच्छाओं को पूरा करने के लिए पिंजरे से आजाद होने के लिए व्याकुल हैं।
उत्तर-
पक्षी नदी-झरनों का बहता जल पीने, तेज़ गति से उड़ान भरने नीले आसमान की सीमा तक उड़ने, पेड़ की फुनगी पर झूलने, कड़वी निबौरियाँ खाने और अनार रूपी दाने चुगने के लिए पिंजरे के बाहर निकलने के लिए व्याकुल होते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

(क) पिंजरे में पक्षियों को क्या-क्या कष्ट है?
उत्तर-
पिंजरे में पक्षी खुले आसमान में उड़ान नहीं भर सकते, नदी-झरनों का बहता जल नहीं पी सकते, कड़वी निबौरियाँ नहीं खा सकते, फुदक नहीं सकते, अपने पंख नहीं फैला सकते, अनार के दानों रूपी तारों को चुग नहीं सकते। इसके अतिरिक्त पिंजरे में पक्षियों को वह वातावरण नहीं मिलता, जिसमें रहने के वे आदी हैं।

(ख) पक्षियों के सपने और अरमान क्या हैं?
उत्तर-
पक्षियों का सपना है कि वह वृक्ष की सबसे ऊँची फुनगी पर बैठकर झूला झूलें उनका अरमान है कि वे नीले आसमान में दूर-दूर तक उड़ते हुए आकाश की सीमा तक पहुँच जाएँ। इस कोशिश में क्षितिज से मुकाबला करते हुए उसका अंतिम छोर ढूंढ़ निकालें या अपने प्राण त्याग दें।

(ग) पक्षी मनुष्यों से क्या चाहते हैं?
उत्तर-
पक्षी मनुष्यों से चाहते हैं कि उसे स्वतंत्र होकर उड़ान भरने दें। वह इसके बदले अपना घोंसला और टहनी का अपना आश्रय भी देने को तैयार हैं। वे हम लोगों से यह प्रार्थना करते हैं कि उन्हें ईश्वर ने जब उड़ने के लिए पंख दिए हैं तो मानव उनकी उड़ान में विघ्न न डालें और उन्हें स्वतंत्र रूप से उड़ने दें।

(घ) यह कविता हमें किस बात के लिए प्रेरित करती है?
उत्तर-
यह कविता हमें इस बात के लिए प्रेरित करती है कि बंधन में रखकर हमें कितनी भी सुविधाएँ क्यों न दी जाएँ, सभी व्यर्थ होती हैं। स्वतंत्र जीवन में ही हम अपनी इच्छा से सभी काम कर सकते हैं, जबकि पराधीनता में दूसरों की इच्छाओं को मानना पड़ता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

(क) पक्षी को मैदा से भरी सोने की कटोरी से कड़वी निबौरी क्यों अच्छी लगती है?
उत्तर-
परतंत्र जीवन सदैव कष्टमय होता है। ऐसे समय में मन की स्वतंत्रता समाप्त हो जाती है। स्वतंत्र जीवन में कठिनाइयाँ भी कितनी अधिक क्यों न हों, वह गुलामी के जीवन से अच्छा होता है। अतः पक्षी भी खुले में रहकर मैदा से भरी सोने की कटोरी की अपेक्षा नीम के कड़वे फल खाना अधिक पसंद करते हैं।

(ख) कवि ने इस कविता के माध्यम से हमें क्या संदेश देना चाहा है?
उत्तर-
कवि ने इस कविता के माध्यम से संदेश देना चाहा है कि पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं। यानी स्वतंत्रता सबसे अच्छी है। स्वतंत्र रहकर ही अपने सपने और अरमान पूरे किए जा सकते हैं। पराधीनता में सारी इच्छाएँ खत्म हो जाती हैं। पराधीन रहने से हमें अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी दूसँरों पर निर्भर हो जाना पड़ता है। अतः कवि ने इस कविता के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्त्व को दर्शाया है। अतः हमें पक्षियों को बंदी बनाकर नहीं रखना चाहिए। उन्हें आजाद कर आसमान में उड़ान भरने देना चाहिए।

मूल्यपरक प्रश्न

(क) स्वतंत्रता के महत्व को लिखिए?
उत्तर-
स्वतंत्रता सर्वोपरि होता है। स्वतंत्र व्यक्ति अपनी इच्छा से अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है, खा-पी सकता है,

कहीं घूम – फिर सकता है तथा विचारों को अभिव्यक्त कर सकता है। गुलामी का जीवन कष्टमय होता है। हमें अंग्रेजों ने दो सौ वर्षों तक गुलाम बनाकर रखा जिसमें हमें काफ़ी यातनाएँ झेलनी पड़ी। हमें काफ़ी संघर्ष के बाद आजादी मिली। अतः स्वतंत्रता को सँभालकर रखना हम सभी का दायित्व है। इसी प्रकार की स्वतंत्रता पक्षियों पर भी लागू होती है।

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